बहुत दिन सँ किछु - किछु लिखबाक प्रबृत्ति अछि मुदा लिखै छी तं तकरा पढ़ैत के अछि ? ई प्रश्न सदति मन में अबैत अछि.गीत गबैत छी तं सुनैत के अछि, ई प्रश्न गुन-गुनेबा कल नहीं अबैत अछि मुदा लिखबा काल लिखबाक औचित्य सोंझा आबि क ठाढ़ अबश्य भ जाई अछि.तखन करी की ? करू जे किछु , मुदा लिखब त बन्ने अछि.
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